Monday, May 31, 2010

भारत में बाढ़ आने का मुख्या कारण...

अभी कुछ दिन पहले मुस्ताक जी की मेल पढ़ी जिसमे भारत में बाढ़ आने का कारण देखा तो मैं भी दंग रह गया. आप भी देखे क्या कारण हैं इसके ?







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Tuesday, May 18, 2010

हुजूर! आप सीखकर क्या करेंगे?

मरीज (डाक्टर से) - ऐसी बीमारी को सहने से अच्छा तो मर जाना अच्छा है।
डाक्टर (मरीज से) - हम कोशिश तो कर रहे हैं।


बच्चा (पिता से) - एक मूछों वाला आदमी बाहर खड़ा है।
पिता (बच्चे से) - उसे कह दो हमें मूछों की जरूरत नहीं है, हमारी मूछें हैं।



जज (चोर से) - मालिक के होते हुए आपने चोरी कैसे की?
चोर (जज से) - हुजूर! आप सीखकर क्या करेंगे?



संता (बंता से) - मैं चाहता हूं कि मेरी पत्नी बुद्धिमान हो, सुंदर हो और मीठी बोलने वाली हो।
बंता (संता से) - लेकिन इतनी मंहगाई में तुम तीन पत्नियों का खर्च कैसे बर्दाश्त करोगे?


एक बार एक आदमी शंकर भगवान की तपस्या की
और शंकर भगवान प्रसन्न हो गए और बोले कोई बरदान माग ले
उस इन्सान ने बोला मेरे को गिटार दे दो प्रभु
शंकर भगवान बोले कुछ और मांग लो मैं गिटार नही दे सकता
उस व्यक्ति ने बोला क्यूँ ?शंकर भगवान बोले !
अगर मेरे पास गिटार होता तो मैं डमरू क्यूँ बजाता




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Saturday, May 15, 2010

भैंस चालीसा


महामूर्ख दरबार में, लगा अनोखा केस
फसा हुआ है मामला, अक्ल बङी या भैंस
अक्ल बङी या भैंस, दलीलें बहुत सी आयीं
महामूर्ख दरबार की अब,देखो सुनवाई
मंगल भवन अमंगल हारी- भैंस सदा ही अकल पे भारी
भैंस मेरी जब चर आये चारा- पाँच सेर हम दूध निकारा
कोई अकल ना यह कर पावे- चारा खा कर दूध बनावे
अक्ल घास जब चरने जाये- हार जाय नर अति दुख पाये
भैंस का चारा लालू खायो- निज घरवारि सी.एम. बनवायो
तुमहू भैंस का चारा खाओ- बीवी को सी.एम. बनवाओ
मोटी अकल मन्दमति होई- मोटी भैंस दूध अति होई
अकल इश्क़ कर कर के रोये- भैंस का कोई बाँयफ्रेन्ड ना होये
अकल तो ले मोबाइल घूमे- एस.एम.एस. पा पा के झूमे
भैंस मेरी डायरेक्ट पुकारे- कबहूँ मिस्ड काल ना मारे
भैंस कभी सिगरेट ना पीती- भैंस बिना दारू के जीती
भैंस कभी ना पान चबाये - ना ही इसको ड्रग्स सुहाये
शक्तिशालिनी शाकाहारी- भैंस हमारी कितनी प्यारी
अकलमन्द को कोई ना जाने- भैंस को सारा जग पहचाने
जाकी अकल मे गोबर होये- सो इन्सान पटक सर रोये
मंगल भवन अमंगल हारी- भैंस का गोबर अकल पे भारी
भैंस मरे तो बनते जूते- अकल मरे तो पङते जूते


लेखक : दुष्यंत कुमार चतुर्वेदी जी

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Thursday, May 13, 2010

यह दुनिया पप्पुओं से भरी है


परेशान थी पप्पू की वाईफ
नॉन-हप्पेनिंग थी जो उसकी लाईफ
पप्पू को ना मिलता था आराम
ऑफिस में करता काम ही काम

पप्पू के बॉस भी थे बड़े कूल
प्रमोशन को हर बार जाते थे भूल
पर भूलते नहीं थे वो डैडलाइन
काम तो करवाते थे रोज़ टिल नाईन

पप्पू भी बनना छठा था बेस्ट
इसलिए तो वो नहीं करता था रेस्ट
दिन रात करता वो बॉस की गुलामी
अप्प्रेजल के उम्मीद में देता सलामी

दिन गुज़रे और गुज़रे फिर साल
बुरा होता गया पप्पू का हाल
पप्पू को अब कुछ याद ना रहता था
गलती से बीवी को बेहेंजी कहता था

आखिर एक दिन पप्पू को समझ आया
और छोड़ दी उसने अप्प्रेजल की मोह माया
बॉस से बोला, "तुम क्यों सताते हो ?"
"अप्प्रेजल के लड्डू से बुद्दू बनाते हो"

"प्रमोशन दो वरना चला जाऊंगा"
"अप्प्रेजल देने पर भी वापिस ना आऊंगा"
बॉस हँस के बोला "नहीं कोई बात"
"अभी और भी पप्पुस है मेरे पास "

"यह दुनिया पप्पुओं से भरी है"
"सबको बस आगे बढ़ने की पड़ी है"
"तुम ना करोगे तो किसी और से करूँगा"
"तुम्हारी तरह एक और पप्पू बनाऊंगा"



भेजने वाले : नरेंदर नेगी


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Thursday, May 6, 2010

चल एक और


4 सरदारों ने मिल के पेट्रोल पम्प खोला.
1 भी ग्राहक नहीं आया..
क्यूँ..?
पेट्रोल पम्प 1st फ्लोर पे था..

चल एक और

फिर चारो ने उसी फ्लोर पे रेस्टुरेंट खोला.
1 भी ग्राहक नहीं आया..
क्यों..?
पेट्रोल पम्प का बोर्ड नहीं हटाया..

चल एक और

फिर चारो ने 1 टेक्सी ली
1 भी सवारी नहीं.
क्यों..?
2 सरदार आगे  और 2 पीछे बैठ के सवारी ढूंड रहे थे..

चल एक और

टेक्सी ख़राब हो गयी.
चारो ने खूब धक्का लगाया.
बुत टेक्सी वही की वही.
क्यों..?
2 आगे से और 2 पीछे से धक्का दे रहे थे..

चल एक और

फिर चारो ने 1 बच्चे को अपहरण  किया.
बच्चे को कहा घर जा अपने बाप से 5 लाख रुपये ले के आ.
वरना तुझे मार देंगे.
बछा घर गया और उसके पापा ने पैसे दे भी दिए.
क्यों..?
बच्चे का बाप भी सरदार था

भेजने वाले : अमित राव (मुंबई)



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Saturday, May 1, 2010

रिन दे चौंकाने वाली सफेदी.

बच्चा :- रात को मैंने सुसु करने के लिए बाथरूम का गाते खोला तो बल्ब अपने आप ही जल गया कैसे?
मुमी :- बदमाश तू आज फिर फ्रिज में सुसु कर आया.


ज़रीन और कटरीना दोनों ही 1 जैसी और गोरी है,क्यों?
सोचो!
सोचो!
नही पता ना?
क्योंकि दोनों के नाम में रिन अत हैं .
रिन दे चौंकाने वाली सफेदी.

काश हम आपके मोबाइल का नंबर होते,
आपको हमेशा याद तो रहते!
अगर आप बदल भी देते तो,
हमसे बिछड़ने की खबर सबको देते!


सवेरा क्या हुआ आप सितारों को भूल गए,
सूरज क्या आया आप चाँद को भूल गए,
गुजरे क्या कुछ पल हमारे बिना,
आप हमें ही भूल गए.





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