Thursday, November 27, 2008

आपको बस मैं लोगो ने क्यों पीटा?



पत्नी (पति से) : आप मुझे मेरा नाम लेकर मत मुकर करें. इस से बच्चे भी मेरा नाम लेकर पुकारते हैं.
पति (गुस्से से) : तो क्या मैं भी तुम्हें बच्चो की तरह मम्मी कहकर पुकारूँ ?



पति - आज सुबह न जाने किसका मुहं देखकर उठा था की दिन का खाना नसीब नही हुआ.
पत्नी - मेरी मने तो बेडरूम में लगे आईने को हटा दो वरना रोजाना यही शिकायत रहेगी.



पति: चलो तुमसे शादी करके मुझे एक बहुत बड़ा फायदा हुआ.
पत्नी: कौन सा फायदा?
पति: मुझे मेरे गुनाहों की सज़ा जीते-जी ही मिल गई.



पति (पत्नी से) : क्यों न आज की चाय बाहर जा कर पी जाए?
पत्नी (पति से) : क्यों? तुम्हे क्या लगता है की मई चाय बनाते बनाते थक गयी हूँ?
पति (पत्नी से) : अरे नही, दर असल मैं ही कप प्लेट धोते धोते थक गया हूँ.



पत्नी (पति से) : हाय: रे! मेरे तो करम फ़ुट ही गए, जो तुम्हारे पल्ले बंधी, वरना मुझे तो एक से बड़कर एक योग्य वर मिल रहे थे.
पति(दुखी होकर) : हाँ वह सच मुच योग्य थे, जो तुम्हारे फंदे में फंसने से से बच गए.



पत्नी: आपको बस मैं लोगो ने क्यों पीटा?
पति: मेरी फोटो बस मैं नीचे गिर गई थी, और मैंने एक मैडम से कहा जरा साड़ी ऊपर कीजिये मुझे फोटो लेनी हैं.

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